Dohe

by Jagjit Singh · Bollywood
Lyrics

Quick Answer — Dohe Lyrics

[00:18.94] दुख में सुमरन सब करे, सुख में करे ना कोय [00:27.75] दुख में सुमरन सब करे, सुख में करे ना कोय [00:36.37] जो सुख में सुमरन करे, जो सुख में सुमरन करे [00:49.17] दुख काहे को होय, दुख काहे को होय
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Dohe Full Lyrics

[00:18.94] दुख में सुमरन सब करे, सुख में करे ना कोय [00:27.75] दुख में सुमरन सब करे, सुख में करे ना कोय [00:36.37] जो सुख में सुमरन करे, जो सुख में सुमरन करे [00:49.17] दुख काहे को होय, दुख काहे को होय [00:57.98] [01:15.54] ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय [01:24.37] ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय [01:33.17] औरों को शीतल करे, औरों को शीतल करे [01:46.48] आपो शीतल होय, आपो शीतल होय [01:54.19] [02:12.33] बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर [02:21.03] बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर [02:30.08] पंछी को छाया नहीं, पंछी को छाया नहीं [02:42.86] फल लागे अति दूर, फल लागे अति दूर [02:51.14] [03:08.42] ओ, दुर्लभ मानुष जन्म है, कोय ना दूजी बार [03:22.47] पक्का फल जो गिर पड़ा, पक्का फल जो गिर पड़ा [03:35.12] लगे ना दूजी बार, लगे ना दूजी बार [03:43.74] [04:08.06] माँगन मरण समान है, मति माँगो कोई भीख [04:16.71] माँगन मरण समान है, मति माँगो कोई भीख [04:25.57] माँगन से मरना भला, माँगन से मरना भला [04:38.74] यह सतगुरु की सीख, यह सतगुरु की सीख [04:46.42] [05:08.96] काशी, काबा एक है, एक है राम, रहीम [05:17.96] काशी, काबा एक है, एक है राम, रहीम [05:26.71] मैदा एक पकवान बहु, मैदा एक पकवान बहु [05:39.79] बैठ कबीरा जी, बैठ कबीरा जी [05:47.59] [06:10.23] अच्छे दिन पीछे गए, हरी से किया न हेत [06:18.82] अच्छे दिन पीछे गए, हरी से किया न हेत [06:27.37] अब पछताए होत क्या, अब पछताए होत क्या [06:39.92] जब चिड़िया चुग गई खेत, जब चिड़िया चुग गई खेत [06:49.13]

Frequently Asked Questions

What genre is "Dohe" by Jagjit Singh?

"Dohe" by Jagjit Singh is a Bollywood song.

What are the opening lyrics of "Dohe"?

The opening lyrics are: "[00:18.94] दुख में सुमरन सब करे, सुख में करे ना कोय"