Aaj Ke Daur Mein Ae Dost Ye Manjhar

by Jagjit Singh · Bollywood
Lyrics

Quick Answer — Aaj Ke Daur Mein Ae Dost Ye Manjhar Lyrics

[00:18.74] आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है? [00:31.66] आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है? [00:44.89] ज़ख़्म हर सर पे, हर इक हाथ में पत्थर क्यूँ है? [00:57.48] आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है?
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Aaj Ke Daur Mein Ae Dost Ye Manjhar Full Lyrics

[00:18.74] आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है? [00:31.66] आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है? [00:44.89] ज़ख़्म हर सर पे, हर इक हाथ में पत्थर क्यूँ है? [00:57.48] आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है? [01:11.24] [01:37.70] जब हक़ीक़त है के हर ज़र्रे में तू रहता है [01:53.49] जब हक़ीक़त है के हर ज़र्रे में तू रहता है [02:06.76] फिर ज़मीं पर कहीं मस्जिद, कहीं मंदिर क्यूँ है? [02:19.64] ज़ख़्म हर सर पे, हर इक हाथ में पत्थर क्यूँ है? [02:32.69] आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है? [02:47.53] [03:12.49] अपना अंजाम तो मालूम है सबको फिर भी [03:25.23] अपना अंजाम तो मालूम है सबको फिर भी [03:38.10] अपनी नज़रों में हर इंसान सिकंदर क्यूँ है? [03:50.96] ज़ख़्म हर सर पे, हर इक हाथ में पत्थर क्यूँ है? [04:04.29] आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है? [04:18.35] [04:43.58] ज़िन्दगी जीने के क़ाबिल ही नहीं अब फ़ाकिर [04:59.49] ज़िन्दगी जीने के क़ाबिल ही नहीं अब फ़ाकिर [05:13.04] वरना हर आँख में अश्क़ों का समुंदर क्यूँ है? [05:26.40] ज़ख़्म हर सर पे, हर इक हाथ में पत्थर क्यूँ है? [05:39.51] आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है? [05:52.99]

Frequently Asked Questions

What genre is "Aaj Ke Daur Mein Ae Dost Ye Manjhar" by Jagjit Singh?

"Aaj Ke Daur Mein Ae Dost Ye Manjhar" by Jagjit Singh is a Bollywood song.

What are the opening lyrics of "Aaj Ke Daur Mein Ae Dost Ye Manjhar"?

The opening lyrics are: "[00:18.74] आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है?"