Aaj Ke Daur Mein Ae Dost Ye Manjhar Full Lyrics
[00:18.74] आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है?
[00:31.66] आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है?
[00:44.89] ज़ख़्म हर सर पे, हर इक हाथ में पत्थर क्यूँ है?
[00:57.48] आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है?
[01:11.24]
[01:37.70] जब हक़ीक़त है के हर ज़र्रे में तू रहता है
[01:53.49] जब हक़ीक़त है के हर ज़र्रे में तू रहता है
[02:06.76] फिर ज़मीं पर कहीं मस्जिद, कहीं मंदिर क्यूँ है?
[02:19.64] ज़ख़्म हर सर पे, हर इक हाथ में पत्थर क्यूँ है?
[02:32.69] आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है?
[02:47.53]
[03:12.49] अपना अंजाम तो मालूम है सबको फिर भी
[03:25.23] अपना अंजाम तो मालूम है सबको फिर भी
[03:38.10] अपनी नज़रों में हर इंसान सिकंदर क्यूँ है?
[03:50.96] ज़ख़्म हर सर पे, हर इक हाथ में पत्थर क्यूँ है?
[04:04.29] आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है?
[04:18.35]
[04:43.58] ज़िन्दगी जीने के क़ाबिल ही नहीं अब फ़ाकिर
[04:59.49] ज़िन्दगी जीने के क़ाबिल ही नहीं अब फ़ाकिर
[05:13.04] वरना हर आँख में अश्क़ों का समुंदर क्यूँ है?
[05:26.40] ज़ख़्म हर सर पे, हर इक हाथ में पत्थर क्यूँ है?
[05:39.51] आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है?
[05:52.99]