Dil Ke Ujle Kagaz Par

by Jagjit Singh · Bollywood
Lyrics

Quick Answer — Dil Ke Ujle Kagaz Par Lyrics

दिल के उजले कागज़ पर हम कैसा गीत लिखें बोलो तुमको ग़ैर लिखें या अपना मीत लिखें दिल के उजले कागज़ पर हम कैसा गीत लिखें बोलो तुमको ग़ैर लिखें या अपना मीत लिखें
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Dil Ke Ujle Kagaz Par Full Lyrics

दिल के उजले कागज़ पर हम कैसा गीत लिखें बोलो तुमको ग़ैर लिखें या अपना मीत लिखें दिल के उजले कागज़ पर हम कैसा गीत लिखें बोलो तुमको ग़ैर लिखें या अपना मीत लिखें नीले अम्बर की अंगनाई में तारों के फूल मेरे प्यासे होठो पर है अंगारों के फूल नीले अम्बर की अंगनाई में तारों के फूल मेरे प्यासे होटों पर है अंगारों के फूल इन फूलों को आख़िर अपनी हार या जीत लिखें बोलो तुमको ग़ैर लिखें या अपना मीत लिखें दिल के उजले कागज़ पर हम कैसा गीत लिखें बोलो तुमको ग़ैर लिखें या अपना मीत लिखें कोई पुराना सपना दे दो और कुछ मीठे बोल लेकर हम निकले हैं अपनी आखों के कश्कोल कोई पुराना सपना दे दो और कुछ मीठे बोल लेकर हम निकले हैं अपनी आखों के कश्कोल हम बंजारे, प्रीत के मारे, क्या संगीत लिखें बोलो तुमको ग़ैर लिखें या अपना मीत लिखें दिल के उजले कागज़ पर हम कैसा गीत लिखें बोलो तुमको ग़ैर लिखें या अपना मीत लिखें शाम खड़ी है एक चमेली के प्याले में शबनम जमुना जी के ऊंगली पकड़े खेल रहा है मधुबन शाम खड़ी है एक चमेली के प्याले में शबनम जमुना जी के ऊंगली पकड़े खेल रहा है मधुबन ऐसे में गंगा जल से राधा की प्रीत लिखें बोलो तुमको ग़ैर लिखें या अपना मीत लिखें दिल के उजले कागज़ पर हम कैसा गीत लिखें बोलो तुमको ग़ैर लिखें या अपना मीत लिखें

Frequently Asked Questions

What genre is "Dil Ke Ujle Kagaz Par" by Jagjit Singh?

"Dil Ke Ujle Kagaz Par" by Jagjit Singh is a Bollywood song.

What are the opening lyrics of "Dil Ke Ujle Kagaz Par"?

The opening lyrics are: "दिल के उजले कागज़ पर हम कैसा गीत लिखें"