Dard Ke Phool Bhi

by Jagjit Singh · Bollywood
Lyrics

Quick Answer — Dard Ke Phool Bhi Lyrics

[00:21.99] दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं [00:38.60] दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं [00:49.20] ज़ख़्म कैसे भी हों कुछ रोज़ में भर जाते हैं [01:00.12] दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं
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Dard Ke Phool Bhi Full Lyrics

[00:21.99] दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं [00:38.60] दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं [00:49.20] ज़ख़्म कैसे भी हों कुछ रोज़ में भर जाते हैं [01:00.12] दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं [01:12.15] [01:35.67] उस दरीचे में भी अब कोई नहीं और हम भी [01:51.80] उस दरीचे में भी अब कोई नहीं और हम भी [02:02.68] सर झुकाए हुए चुपचाप गुज़र जाते हैं [02:14.02] [02:38.26] रास्ता रोके खड़ी है यही उलझन कब से [02:54.85] रास्ता रोके खड़ी है यही उलझन कब से [03:05.91] कोई पूछे तो कहें क्या कि किधर जाते हैं [03:16.54] ज़ख़्म कैसे भी हों कुछ रोज़ में भर जाते हैं [03:27.42] दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं [03:38.42] [04:02.66] नर्म आवाज़, भली बातें, मुहज़्ज़ब लहजे [04:19.26] नर्म आवाज़, भली बातें, मुहज़्ज़ब लहजे [04:30.82] पहली बारिश ही में ये रंग उतर जाते हैं [04:41.86] पहली बारिश ही में ये रंग उतर जाते हैं [04:51.97] दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं [05:02.97] ज़ख़्म कैसे भी हों कुछ रोज़ में भर जाते हैं [05:13.77] दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं [05:25.06]

Frequently Asked Questions

What genre is "Dard Ke Phool Bhi" by Jagjit Singh?

"Dard Ke Phool Bhi" by Jagjit Singh is a Bollywood song.

What are the opening lyrics of "Dard Ke Phool Bhi"?

The opening lyrics are: "[00:21.99] दर्द के फूल भी खिलते हैं बिखर जाते हैं"